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Monday, 1 April 2019

लोकसभा चुनाव 2019: कभी राजनीति में घोर विरोधी रहे दो दिग्गजों ने मिलाया हाथ

कोशी लाइव: बंश राज

वर्तमान लोकसभा चुनाव ने कोसी के दो ऐसे दिग्गज को मिलाया जो कभी एक दूसरे के घोर विरोधी हुआ करते थे। एनडीए के मधेपुरा लोकसभा प्रत्याशी दिनेशचंद्र यादव एवं खगड़िया लोकसभा सभा प्रत्याशी महबूब अली कैसर के बीच शुरू से ही जंग होती रही है। सिमरी बख्तियारपुर विधानसभा सीट के अलावा खगड़िया लोकसभा सभा सीट के लिए भी दोनों के बीच मुकाबला हो चुका है।
दोनों नेताओं में जंग हर विधानसभा चुनाव में काफी रोचक 
दिनेशचंद्र ने कैसर के पिता से चुनावी लड़ाई शुरू की और कैसर से कई बार जीत-हार के बाद वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में कैसर के पुत्र मो. युसूफ सलाउद्दीन को जबर्दस्त पटखनी देकर विधायक बने। दिनेशचंद्र यादव महबूब अली कैसर के पिता चौधरी मो. सलाउद्दीन से भी कई बार चुनाव लड़ चुके हैं। चौधरी सलाउद्दीन के बाद कैसर और दिनेश के बीच जंग हर विधानसभा चुनाव में काफी रोचक रहा। दिनेश व कैसर के बीच मुकाबला कोसी के लोगों के लिए काफी दिलचस्प होता आया है। लेकिन इसबार एनडीए के बैनर तले दोनों के प्रत्याशी बनने से वर्षो से जारी जंग पर विराम लग गया है। 
पहली बार एक मंच पर दिनेश और कैसर एकसाथ दिखे
मधेपुरा लोकसभा सभा से दिनेशचंद्र यादव ने नामांकन पर्चा भरा और सभा की। सभा में चौधरी महबूब अली कैसर ने पहुंचकर सबको चौंका दिया। पहली बार एक मंच पर दिनेश और कैसर एकसाथ दिखे।  लोगों का मानना है कि दोनों के एनडीए गठबंधन के बैनर तले आने से वर्षों की अदावत तकरीबन समाप्त हो गई। सहरसा जिले के खगड़िया लोकसभा क्षेत्र तहत सिमरी बख्तियारपुर विधानसभा और लोकसभा में कई बार एक दूसरे को पटखनी दे चुके दिनेशचंद्र यादव और चौधरी महबूब अली कैसर के बीच वर्षो से जारी जंग का इसबार पटाक्षेप हो गया।
कैसर ने पिता की लड़ाई का उठाया बीड़ा
शुरू से जीतते आये चौधरी सलाउद्दीन की लड़ाई की बागडोर चौधरी महबूब अली कैसर ने थामी। लेकिन दिनेश ने कैसर को हरा दिया। वर्ष 1990 में कैसर पहली बार कांग्रेस पार्टी से चुनाव लड़े और जनता दल के दिनेश से हार गये। इसके बाद दोनों में राजनीतिक जंग शुरू हो गई। 
2009 के चुनाव में भी कैसर और दिनेश के बीच हुई लड़ाई 
95 के विधान सभा चुनाव में दिनेशचंद्र ने हारने के बाद वर्ष 96, 98, 99 व 04 में सहरसा लोकसभा से चुनाव लड़ा और वर्ष 96 व 99 में सहरसा लोकसभा के सांसद बने। 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में कैसर व दिनेश के बीच लोकसभा चुनाव की पहली बार मुकाबला हुआ। हालांकि इस चुनाव में कैसर तीसरे स्थान पर रहे।
वर्ष 1980 में कैसर के पिता से दिनेश की हुई चुनावी भिड़ंत
वर्ष 1980 के विधानसभा में महबूब अली कैसर के पिता चौधरी मो. सलाउद्दीन से दिनेशचंद्र यादव की भिंड़त हुई। दिनेश ने कैसर के पिता सलाउद्दीन से चुनाव लड़ा और हार गये। फिर 1985 के विधानसभा में दिनेशचंद्र ने चौधरी सलाउद्दीन के विरुद्ध काफी जोर अजमाईश की। लेकिन वह 15 सौ वोट से हार गये।

95 में कैसर ने दिनेश को तो 05 में दिनेश ने कैसर हराया
वर्ष 90 में हुई हार से तिलमिलाये कैसर ने क्षेत्र में खुब मेहनत की। जिसके परिणाम स्वरूप वर्ष 95 के विधान सभा चुनाव में कैसर ने दिनेश को दो सौ वोट से हराकर कर बदला चुका लिया। लेकिन यह लड़ाई आगे भी जारी रही। फिर 2005 के चुनाव में दिनेशचंद यादव ने कैसर को पटखनी दी।

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