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कार किंग [मधेपुरा]

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पंचमुखी चौक,मधेपुरा

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Thursday, March 28, 2019

सुपौल:पुल नहीं बनने के कारण चचरी पुल से आवागमन करते है ग्रामीण

कोशी लाइव:
छातापुर | सुपौल।संतोष कुमार भगत।   

                      छातापुर के लालगंज पंचायत के परियाही गाँव के बीचोंबीच प्रवाहित होने वाली गेड़ा नदी में आरसीसी पुल नहीं होने के कारण लोगों को चचरी पुल के सहारे नित्य जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता है। इसके बाबजूद लोगो की समस्या समाधान के लिए अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे है | इसके कारण इस क्षेत्र के बीमार मरीज को भी जैसे तैसे इलाज के लिए चचरी के सहारें ही अस्पताल ले जाया जाता है |  जानकारी अनुसार  प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत बलुआ बाजार से उधमपुर गेड़ा नदी के पश्चिम तटबंध पर करोड़ों की लागत से सड़क निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। जिसकी लंबाई लगभग 17 किमी है। वहीं गेड़ा नदी के पूर्वी तटबंध से एसएच 91 तक मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से 4 किमी की सड़क का वर्ष 2009 में ही निर्माण कराया जा चुका है। महज एक आरसीसी पुल नहीं रहने के कारण उधमपुर और लालगंज पंचायत के लोगो को परेशानी उठानी पड़ती है | पुलिया के आभाव में लोगों को इस सरल मार्ग को छोड़कर भीमपुर एनएच 57  से होकर 18 से 23 किमी की दूरी तय कर प्रखंड मुख्यालय आना जाना पड़ता है। जबकि  नदी पर आरसीसी पुल के निर्माण हो जाने से लोगों को प्रखंड मुख्यालय से इस पंचायत में आने जाने के लिए केवल 7 किमी दुरी तय करनी पड़ेगी । इतना ही नही स्कूली बच्चों को भी चचरी के सहारें ही नित्य स्कुल जाना पड़ता है | लोगों ने बताया कि बच्चों को नदी के उसपर स्तित स्कूल भी भेजने में हमेशा भय बना रहता है | लोगों ने बताया कि समस्या समाधान के लिए सांसद विधायक समेत पदाधिकारी का दरवाजा खटखटाया गया है | लेकिन समाधान के दिशा में अब तक कोई पहल नहीं हो सका है | लोगों ने कहा कि वर्षात के समय इस चचरी पुल से आवागमन करने में काफी परेशानी होती है | खासकर शादी विवाह को लेकर इस पंचायत के लोगों को भारी दिक्कत होती है | लोगों ने बताया कि सामने से दिखने वाला सीधा बाजार जाने के लिए लोगों को एनएच 57 से धूम कर 7 के बदलें 22 किलोमीटर की दुरी तय करनी पड़ती है |लोगों ने बताया कि पुल के आभाव में लोगों को काफी पीड़ा सहना पड़ता है | स्थानीय मो. अजीम, पिंकू कुमार, पंकज कुमार, प्रतिभा देवी, पंकज सिंह, मनोज कुमार, मुन्ना कुमार आदि लोगों ने कहा कि कई बार नदी में पानी के बढ़ने से चचरी पुल भी क्षतिग्रस्त होकर बह जाता है | इसको लेकर फिर ग्रामीणों के द्वारा क्षतिग्रस्त चचरी पुल की मरम्मती कार्य किया जाता है | इसके बाद आवागमन सेवा बहाल होती है | लोगों ने समस्या समाधान की मांग डीएम से की है |

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