:चौकाने वाला खुलासा:BIHAR:सहरसा सहित कोशी जोन के बच्चों का बचपन पर लग रहा नशा का ग्रहण - कोशी लाइव

 कोशी लाइव

नई सोच नई खबर

KOSHI%2BLIVE2

Breaking

Translate

Saturday, 9 March 2019

:चौकाने वाला खुलासा:BIHAR:सहरसा सहित कोशी जोन के बच्चों का बचपन पर लग रहा नशा का ग्रहण

कोशी लाइव:अक्की
सहरसा,सुपौल और मधेपुरा।


कापी में लिखने के काम आना वाला रिफिल बच्चों का बचपना समाप्त कर रहा है। वहीं काफी पर लिखे गलती को मिटाने वाला व्हाइटनर भी जिंदगी मिटाने के लिए इस्तेमाल हो रहा है। दशकों पूर्व राज कपूर की फिल्म बुट पालिश का गीत नन्हे मुन्ने बच्चे तेरी मुट्ठी में क्या है मुट्ठी में है तकदीर हमारी काफी लोकप्रिय हुआ था। लेकिन आज के समय में शहर के नौनिहाल बच्चों के हाथों में उसकी तकदीर नहीं बल्कि नशा है।शहर के बच्चों का बचपन नशे की गर्त में समाता जा रहा है। छोटे छोटे बच्चे खासकर आर्थिक रूप से कमजोर व कूड़ा कचरा चुनने वाले बच्चों का बचपन नशे की लत में आकर बर्बाद हो रहा है। नशे का सस्ता तरीका जिसका असर ज्यादा खतरनाक होता है। इस प्रकार का नशे उनके जीवन को खोखला बना रहा है। नशे के आदी बच्चे इसके दुष्प्रभाव से अनभिज्ञ होने की वजह से धीरे धीरे ड्रग एडिक्ट हो रहे हैं।बड़े होने से पहले ही बच्चे कूड़े के ढेर, प्लास्टिक की बोतलों को समेट कर पेट की भूख बुझाने से पहले नशे की आग को बुझाते है ।शहर में इस प्रकार के ज्यादातर बच्चे आपको रेलवे लाइन के किनारे, सुनसान जगहों पर झुग्गी बस्तियों के समीप आराम से नजर आ जाएंगे। जहां मजबूरी हो या अनजाने में बच्चे अपने जीवन को बर्बादी की कगार पर पहुंचा रहे हैं।
किस प्रकार का है नशा : साइकिल टायर का पंक्चर बनाने में काम आने वाले सुलेशन को कपड़े में भीगा कर नाक से सांस के जरिये खींचा जाता है।इसके अलावा रिफिल, क्वीक फिक्स प्लास्टिक को जलाकर इसे सूंघने से बच्चे तत्काल प्रभाव से नशे में आ जाते हैं। इसका नशा शराब के बड़े बोतलों से अधिक होता है। सबसे खास बात यह है कि यह बाजारों में आसानी से उपलब्ध है और सस्ता भी होता है।स्टेशनरी की दुकान में बिकने वाला बोनफिक्स व व्हाइटनर भी नशे के रुप में खूब किया जा रहा है।
कम उम्र के बच्चों में बढ़ रही प्रवृति
शहर में इस प्रकार के नशे की आदत दस से 15 वर्ष के उम्र के बच्चों में देखी जा सकती है। खासकर कूड़ा कचरा चुनने वाले बच्चों और गरीब तबकों के बच्चों में इस प्रकार का नशा करने की आदत बढ़ रही है। अच्छा बुरा की पहचान से दूर बच्चे आसानी से ड्रग एडिक्ट हो रहे हैं। जिसपर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो इनका बचपन बर्बाद होने से कोई रोक नहीं सकता है।

Total Pageviews

Follow ME

SAFETY ZONE

SAFETY ZONE

कोशी लाइव

यहाँ आप कोशी क्षेत्र के आसपास सभी जिलों मधेपुरा, सहरसा,सुपौल।तथा अपने प्रखंड ओर पंचायत की सटीक खबरें पढ़ सकते हैं। अगर किसी भी प्रकार की न्यूज़ आपके पास है।तो आप हमें दिए गए नम्बर 9570452002 पर whatsapp द्वारा भेज सकते हैं। -----------संपादक:-स्टॉलिन अमर अक्की www.koshilive.com

Pages