पूर्णिया । पूर्णिया के बाल सुधार गृह में बुधवार को बाल बंदियों के खूनी खेल के बाद कार्रवाई तेज हो गई है। इस प्रकरण में गुरुवार को पुलिस ने एक फरार बाल बंदी के पिता सह जदयू नेता को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। बाल सुधार गृह की सुरक्षा में तैनात सभी छह होमगार्ड जवानों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही बाल सुधार गृह के अधीक्षक को निलंबित करने का प्रस्ताव जिलाधिकारी ने समाज कल्याण विभाग को भेज दिया।
विदित हो कि बीती शाम पूर्णिया बाल सुधार गृह में पांच बाल बंदियों ने हाउस फादर व एक बाल बंदी की गोली मारकर हत्‍या कर दी। फिर, फायरिंग करते हुए भाग गए। फरार बाल बंदियों में एक के पिता जदयू नेता बताए जा रहे हैं। पुलिस उनसे कई बिंदुओं पर पूछताछ कर रही है। 
जांच टीम ने अधीक्षक को पाया दोषी, निलंबन तय 
घटना के बाद जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया था। जांच टीम ने गुरुवार को बाल सुधार गृह जाकर जांच की। इस दौरान कई खामियां पाई गईं। बाल सुधार गृह के संचालन में बरती जा रही लापरवाही को लेकर अधीक्षक शशि भूषण को पूरी तरह से दोषी माना गया। इस कारण उसे निलंबित करने का प्रस्ताव भेजा गया है।
न्‍यायिक जांच की अनुशंसा 
बाल सुधार गृह के बाल बंदियों ने पुलिस को बताया कि घटना के समय हाउस फादर अपने कमरे में टीवी देख रहे थे। जिस बाल बंदी की हत्या की गई, वह भी अपने बेड पर सोया हुआ था। जिलाधिकारी ने घटना की न्यायिक जांच की अनुशंसा कर दी है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने भी बाल सुधार गृह का निरीक्षण कर वहां बाल बंदियों से पूछताछ की।
भागे बाल बंदियों की तलाश जारी 
जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि घटना के बाद बाल बंदियों को भगाने के लिए चार पहिया वाहन का प्रयोग किया गया। पुलिस उक्त वाहन की तलाश कर रही है। पांचों फरार बाल बंदियों को पकडऩे के लिए पुलिस की तीन टीमों ने पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज व अररिया में आधा दर्जन से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की।