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Thursday, 20 September 2018

पुर्णियां :खुलासा: शराब की जगह नशे के लिए बाल कैदी करते थे कोरेक्स कफ सिरप का इस्तेमाल

@स्टालिन_अमर_अक्की #_कोशी क्षेत्रिये समाचार

खुलासा: शराब की जगह नशे के लिए बाल कैदी करते थे कोरेक्स कफ सिरप का इस्तेमाल
 बिहार के पूर्णिया का रिमांड होम में हुए शूट आउट के मामले में एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है. सिटी पोस्ट लाइव के सूत्रों के अनुसार रिमांड होम के बच्चों को नशे की लत है. शराब की जगह वो नशा करने के लिए कोरेक्स कफ सिरप का वो इस्तेमाल करते हैं. सबसे बड़ा सवाल ईन बच्चों को कोरेक्स कफ सिरप कौन सप्लाई करता था. सूत्रों के अनुसार कोरेक्स कफ सिरप की मांग को लेकर ही बाल कैदियों ने हमला किया.
दरअसल, रिमांड होम के बच्चे कफ सिरप का इस्तेमाल नशे के लिए करते थे. जब उन्हें ये सिरप मिलना बंद हुआ तो वो बौखला गए. बच्चा जेल बुधवार की शाम गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा. एक बाल कैदी द्वारा चलाई गई गोली हाउस फादर और एक बाल कैदी को लगी. दोनों को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया, मगर इनकी मौत हो चुकी थी.प्रत्यक्षदर्शी लड़कों का कहना है कि मंगलवार को कोरेक्स पीने को लेकर लड़कों से झंझट हुआ था.
इस दौरान हाउस फादर ने लड़कों का डांटा भी था. बुधवार शाम वे लोग टीवी देख रहे थे. अचानक चार लड़के आए और गोली चला दी. गोली लगते ही बिजेन्द्र कुमार की मौके पर ही मौत हो गई. जबकि सरोज को अस्पताल लाने के दौरान मौत हो गई. घटना के बाद चारों आरोपी फरार हैं.
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी (डीएम) प्रदीप झा और पुलिस अधीक्षक (एसपी) विशाल शर्मा  रिमांड होम पहुंचकर जांच पड़ताल की. इसके बाद दोनों अधिकारी सदर अस्पताल पहुंचे. वहां उन्होंने रिमांड होम के लड़कों और अधिकारियों से बात की.जिलाधिकारी ने कहा कि गोलीबारी की घटना में हाउस फादर और एक लड़के की मौत हुई है. मामले की जांच चल रही है. लापरवाही उजागर होने पर कार्रवाई होगी. वहीं, पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले में पांच लोगों का नाम आया है. सभी फरार हैं जिन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा.गौरतलब है कि हाल में ही बच्चों को रिमांड होम से बाहर ले जाने समेत कई आरोपों में वहां के एक हाउस फादर को बरखास्त कर दिया गया था.
लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि इस बाल जेल के बच्चों को नशे की लत कैसे पडी. उन्हें नशे के लिए जेल में कफ सिरप कौन सप्लाई करता था? सूत्रों के अनुसार दो से तीन गुना दाम पर बाल कैदियों को कफ सिरप बेंचा जाता था. इतनी ज्यादा तादाद में जेल के अन्दर कफ सिरप का वगैर जेल कर्मियों के मिलीभगत के पहुंचना नामुमकिन है. पुलिस अब जांच कर रही है कि वह कौन कर्मचारी है जो बच्चों तक कफ सिरप पहुंचाता था?

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