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Monday, 30 April 2018

पुर्णिया: स्कूली छात्र छात्राओं से प्रिंसिपल ढुलवा रहे हैं ईंट

@स्टालिन_अमर_अक्की #_कोशी क्षेत्रिये समाचार
अक्की:-
पुर्णिया/बिहार:  बच्चे को अभिभावक स्कूल पढ़ने भेजे और शिक्षक द्वारा करवाया जाए काम तो सुनने में अटपटा लगता है। ऐसे ही मॉडल उच्च विद्यालय में शुमार अनचित साह उच्च विद्यालय बेलौरी के प्रधानाध्यापक पर ऐसा करवाने का आरोप लगा है। आप भी आश्चर्यचकित रह जाएंगे। यहां विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र पढ़ने तो आते हैं पर उन्हें पढ़ाई नहीं करा कर उनसे मजदूरों की तरह ईंट ढुलवाई जाती है। अगर छात्र ईंट ढोने से मना कर देते हैं तो उन्हें गाली-गलौज दिया जाता है।
प्रधानाध्यापक के इस कुकृत्य से छात्र और अभिभावक दोनों सकते में हैं। 10 वींं की छात्रा रुणा कुमारी ने बताया कि उनलोगों से नाली साफ करवाया जाता है और पिछले 4 दिनों से ईंट ढुलवाया जा रहा है। जब शिक्षक पढ़ाने के लिए आते हैं तो उन्हें ऑफिस में बैठने के लिए कह दिया जाता है और उन लोगों से प्रधानाध्यापक हाफिज अनवर काम करवाते हैं।
10 वीं की छात्रा कविता (बदला हुआ नाम) ने बताया कि मैट्रिक की परीक्षा फरवरी में होगा और प्रधानाध्यापक उन लोगों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। पढ़ाई की घंटी में 4 दिनों से ईंट ढुलवाते हैं। दसवीं की छात्रा सविता (बदला हुआ नाम) ने कहा कि प्रधानाध्यापक विद्यालय में ईंट ढुलवाते हैं नहीं ढोने पर गाली गलौज और मारपीट करने लगते हैं।
इसी प्रकार विद्यालय के लगभग सभी छात्र छात्राओं ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि वह यहां पढ़ने आते हैं। पर उनसे यहां के प्रधानाध्यापक  हाफिज अनवर  जबरदस्ती ईंट ढुलवाते हैं और ईंट नहीं ढोने पर उनलोगों के साथ गाली-गलौज करते हैं। इसलिए वे लोग गाली-गलौज से बचने के लिए मजबूरी बस ईंट ढो रहे हैं।
बता दें कि बालश्रम उन्मूलन अधिनियम 1986 के तहत 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चे एवं बच्चियों से काम कराना कानूनन अपराध है। इसके लिए श्रम प्रवर्तन निदेशालय की ओर से 20 हजार का आर्थिक दंड और 3 माह का कारावास की सजा का प्रावधान है। बावजूद इसके नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक इस तरह का कार्य विद्यालय के छात्र छात्राओं से करा रहे हैं।
ऐसे में श्रम प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी इन पर क्या दंडात्मक कार्रवाई करते हैं यह तो आने वाला समय हीं बताएगा। लेकिन विद्यालय में छात्रों से काम कराने की जानकारी पाकर उनके पिता व अभिभावक काफी आक्रोशित हैं। उनका कहना है कि वह अपने बच्चों को स्कूल भेजते हैं पढ़ने के लिए और प्रधानाध्यापक उसे पढ़ाई न करवा कर ईंट ढुलवा रहे हैं। ऐसे प्रधानाध्यापक पर जिला पदाधिकारी को उचित कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
यहां बता दें कि यह ईंट विद्यालय के चारदीवारी के लिए गिराया गया है। मजदूरों का पैसा बचाने के लिए प्रधानाध्यापक स्कूली छात्र छात्राओं से यह काम करवा रहे हैं। इस बारे में अभिभावक ने बताया कि जब उन्हें कई दिनों से उनकी चचेरी बहन से स्कूल में ईंट ढुलाई के बारे में बताया तो वह स्कूल गए और हेडमास्टर से पूछा तो उन्होंने बड़े ही गलत तरीके से कहा कि यह तो हमारी वानर की सेना है। सभी ने मिलकर ईंट ढोया तो ढुला गया। वहीं एक और छात्रा की मां ने कहा कि पिछले 3 दिनों से यहां ईट और नाला साफ सफाई करवाया जा रहा था उनकी बेटी बोली कि वह स्कूल नहीं जाएगी, क्योंकि वहां ईंट ढुलवाया जाता है। उन्होंने कहा कि हम बच्चे को स्कूल भेजते हैं पढ़ने के लिए।

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