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Monday, 26 February 2018

सुपौल महाजाम से मैट्रिक परीक्षार्थियों की बढ़ी परेशानी

26FEB,2018.  @AKKY     #कोशी क्षेत्रिये समाचार
सुपौल। जाम की समस्या से जूझता शहर हाल के दिनों में महाजाम के चक्कर में फंसा है। पहले इंटरमीडिएट की परीक्षा और अब मैट्रिक की परीक्षा जारी है। जाम की हालत यह है कि मुख्य सड़क के अलावा सहायक सड़कों पर भी चलना मुश्किल है। छात्रों के अभिभावक बच्चों के परीक्षा केंद्र तक पहुंचने तक इसी ¨चता में रहते हैं कि जाम में हैं या एग्जाम में।

जिला मुख्यालय में इसबार मैट्रिक की परीक्षा के लिए 13 केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर 14 हजार 375 छात्र परीक्षा दे रहे हैं। इसमें छात्राओं की संख्या पांच हजार 226 है। परीक्षा दोनों पालियों में हो रही है। पहली पाली एक बजे समाप्त होती है और दूसरी पाली दो बजे प्रारंभ। छात्रों को परीक्षा से 15 मिनट पहले केंद्र पर पहुंच जाना है। पहुंचने में किसी कारणवश विलंब नहीं हो जाए इसलिए पहली पाली समाप्त भी नहीं होती है कि परीक्षार्थियों को केंद्रों पर पहुंचना शुरू हो जाता है। ऐसे में लग जाता है महाजाम। दरअसल मैट्रिक के परीक्षार्थी कम उम्र के होते हैं लिहाजा उनके साथ अभिभावक भी परीक्षा केंद्रों पर आते हैं। छात्र हुए तो एकाध नहीं तो छात्रा हुई तो एक के साथ दो अभिभावक तो रहते ही हैं। इस हिसाब से देखे तो लगभग 50 हजार की आबादी इन दिनों शहर की बढ़ गई है। पहले से ही शहर की स्थाई समस्या जाम रही है और अब जब 50 हजार की आबादी बढ़ गई है तो यह समस्या बढ़कर महाजाम बन गई है। सबसे परेशानी लोहियानगर चौक पर होती है। दरअसल यह शहर का मुख्य चौक भी है और इस रास्ते अगल-बगल के परीक्षा केंद्र भारत सेवक समाज कॉलेज, आरएसएम पब्लिक स्कूल, हजारी उच्च विद्यालय, सुपौल उच्च माध्यमिक विद्यालय, बीबी बालिका उच्च विद्यालय आदि परीक्षा केंद्रों पर छात्रों का आना-जाना होता है। वहीं उधर के छात्रों के इधर आने का मुख्य रास्ता भी यही चौक है। यहां रेलवे ढाला से लेकर चौक तक रोड डिवाइडर बनाया गया है। रेलवे ढाला पर पटरी उखड़े रहने के कारण गाड़ियों की रफ्तार धीमी होती है वहीं डिवाइडर के दोनों ओर ठेला-रिक्शा लगे रहने के कारण गाड़ियों की सड़क पर लंबी लाइन लग जाती है। फुटपाथ होकर पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। खासकर परीक्षा शुरू होने से पहले और समाप्त होने के बाद गंतव्य तक पहुंचने में अनुमान से आधा घंटा विलंब होना तो आम बात हो गई है। धक्का-मुक्की करते छात्र केंद्रों पर पहुंचते हैं। एक तो परीक्षा का तनाव ऊपर से जाम छात्रों को और तनावग्रस्त कर जाता है।

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