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Tuesday, February 13, 2018

सहरसा।मध्याह्न भोजन में 30 लाख का किया गोलमाल।

13feb,2018.    @कोशी क्षेत्रिये समाचार

सहरसा। जिले में करीब 100 स्कूलों में 30 लाख से अधिक रुपये का गोलमाल मध्याह्न भोजन में किये जाने का खुलासा होने के बाद विभाग वसूली में जुट गयी है। राशि वसूलने को लेकर 35 हेडमास्टरों का वेतन भी बंद किया गया है। बावजूद इसके मध्याह्न भोजन के गबन की राशि की वसूली नहीं हो पाई है। जिले के 1276 प्राइमरी व मिडिल स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना की अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से जांच की जाती है। अधिकारियों के जांच रिपोर्ट के आधार पर ही शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव संबंधित स्कूलों के हेडमास्टर को एमडीएम गबन की गई राशि को एमडीएम के खाता में जमा करने का निर्देश दिया है। लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी संबंधित स्कूलों ने अब तक गबन की राशि को विभाग में जमा नहीं कराया गया है। जिले में 112 स्कूलों पर 24,11,098 रुपये एमडीएम का बकाया था। जिसकी वसूली के लिए सभी हेडमास्टरों को पत्र निर्गत किया गया। जिसमें से 29 स्कूलों ने 44,2,994 रुपये एमडीएम गबन की राशि जमा कर दी। वहीं 21 स्कूलों के हेडमास्टरों द्वारा अपील में जाने के बाद 58,8,450 रुपये को डीईओ ने माफ कर दिया। एमडीएम मामले में सबसे बड़ा घोटाला यह है कि एमडीएम गबन की राशि वसूलने के लिए दिए गए नोटिस के एक महीने के अंदर डीईओ में अपील में जाने के बाद नियमसंगत तर्क प्रतीत होने पर डीईओ द्वारा राशि को माफ किए जाने का प्रावधान है। लेकिन कानून नियम को ताक पर रखकर वर्ष 2014 का एमडीएम रिकवरी वर्ष 2018 में माफी कर दिया जाने का कई मामला सामने आया है। अगर इसकी निष्पक्ष जांच हो तो अधिकारी पर गाज गिरने की पूरी संभावना है।
वर्ष 2016-17 में 62 स्कूलों पर बकाया है 12,43,268 रुपये
जिले के प्राइमरी व मिडिल स्कूलों में वर्ष 2016-17 में एमडीएम में गड़बड़ी पाए जाने पर गोलमाल किए गए राशि को एक माह के अंदर ही जमा करने का निर्देश दिया गया था। लेकिन एक वर्ष से ज्यादा बीतने के बाद भी गोलमाल की राशि जमा नहीं हो पायी है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि अधिकारियों की जांच में गड़बड़ी के खुलासा हो जाने के बाद ऐसे स्कूलों के हेडमास्टर के विरूद्ध निलंबन या अन्य विभागीय कार्रवाई नहीं किया जाना विभाग की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाता है।
वर्ष 2017-18 में 42 स्कूलों में हुआ पांच लाख का घपला
इस वित्तीय वर्ष में जिले के करीब 42 स्कूलों पर पांच लाख रूपये एमडीएम में गोलमाल किया गया है। जिसमें से चार स्कूलों के हेडमास्टर द्वारा अपील में जाने के बाद राशि को डीईओ द्वारा माफ कर दिया गया। कई अब भी अपील में है।
2016 से पहले का बकाया है 10 लाख
वर्ष 2016 से पहले का 25 स्कूलों पर करीब 10 लाख रुपये से ज्यादा बकाया है। जिसकी वसूली आज तक नहीं हो पाई है। विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के कारण ही एमडीएम में गड़बड़ी करनेवाले हेडमास्टरेां से राशि वसूल नहीं की जा सकी है।
कोट
एमडीएम गड़बड़ी मामले में राशि वसूली हेतु हेडमास्टरेां को कई बार स्मार पत्र भेजा गया है। राशि जमा नहीं करने पर ऐसे हेडमास्टरों के खिलाफ निलंबन व विभागीय कार्रवाई के लिए वरीय अधिकारी को पत्र लिखा जा रहा है।
-मनोज कुमार, डीपीओ, मध्याह्न भोजन योजना, सहरसा

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